Delhi officials’ counselling service failed to assist frontline personnel (IANS Specials) । दिल्ली सरकार की परामर्श सेवा सीमावर्ती कर्मियों की मदद करने में विफल (आईएएनएस स्पेशल)

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    Delhi officials’ counselling service failed to assist frontline personnel (IANS Specials) । दिल्ली सरकार की परामर्श सेवा सीमावर्ती कर्मियों की मदद करने में विफल (आईएएनएस स्पेशल)

    नई दिल्ली, 17 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली सरकार की मनोरोग टेली काउंसलिंग सेवा, सहायता, डॉक्टरों, स्वास्थ्य देखभाल और अग्रिम कर्मियों के लिए है जो कोविद-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में कड़ी मेहनत कर रहे हैं, हालांकि इन कर्मियों के फोन इस सेवा में कम आ रहे हैं, और जिस उद्देश्य के लिए इसे खोला गया था, वह असफल प्रतीत हो रहा है।

    टेली काउंसलिंग शुरू होने के एक महीने के भीतर अच्छा रिस्पांस नहीं मिला है। औसतन काउंसलिंग के लिए हेल्पलाइन सेवा पर फोन करने वालों की संख्या एक दिन में एक से भी कम है।

    20 लोगों पिछले 30 दिनों में इस सेवा का लाभ उठाया है। जानकारी के मुताबिक 12 डॉक्टर टेली काउंसलिंग कराने का काम कर रहे हैं वो भी स्वेच्छा से । इसका मतलब है कि एक काउंसलर के पास महीने भर में दो कॉल भी नहीं आते थे। अधिकारियों ने कहा कि हेल्पलाइन पर अपर्याप्त प्रतिक्रिया के पीछे कई कारक हैं । मानसिक तनाव की मदद से जुड़ा सामाजिक कलंक और इस परामर्श सेवा का सही प्रचार-प्रचार न होना भी लोगों द्वारा इसका लाभ न उठाना एक महत्वपूर्ण कारण है।

    यह सेवा इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (आईएचबीएएस) के सहयोग से 17 जून को शुरू की गई थी। इसके अलावा दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन (डीएमए), दिल्ली मेडिकल काउंसिल (डीएमसी) और दिल्ली मनोरोग सोसायटी ने भी सहयोग किया है। यह सेवा सीमावर्ती कार्यकर्ताओं को तनाव और चिंता से निपटने में मदद करने के लिए शुरू की गई थी, क्योंकि कोरोनावायरस महा बीमारी उन के मानसिक स्वास्थ्य पर भारी पड़ने लगी है ।

    यह हेल्पलाइन सोमवार से शनिवार तक सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चालू रहेंगी और आप ये टाइम में ये नंबर पर 09868396802 या 09868396859 कॉल कर सकते है और इस सेवा का लाभ उठा सकते है |

    टेली काउंसलिंग सेवा का समन्वय कर रहे आईएचबीएएस के निदेशक प्रो निमेश देसाई ने बताया कि अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को हेल्पलाइन के बारे में जानकारी नहीं है और वे इस सेवा तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। उन्होंने कहा, वे (फ्रंटलाइन वर्कर्स) नहीं जानते कि ऐसी बात मौजूद है । ऐसे नाजुक समय में उन्हें काउंसलिंग और सपोर्ट की जरूरत होती है, जिसका फायदा वे नहीं उठा पाते क्योंकि वे सेवा से अनजान होते हैं।

    अगर सरकार ने इस सेवा को और प्रचारित किया होता या और प्रचार करते तो बहुत ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकते हैं ऐसा देसाई ने कहा है ।

    टेली काउंसलिंग सेवा पत्रकारों और पुलिस सहित सभी कर्मचारियों के लिए खुली है, पर खाली स्वास्थ्य सर्वेंट ही इसका लाभ मिल सकता है| डॉक्टरों ने कहा कि कॉल करने वालों ने लंबे समय तक काम करने और मास्क और पीपीई किट और अपनी बीमारी के गुणवत्ता के मुद्दों को उजागर करने और फिर परिवार को प्रसारित करने जैसे डर साझा किए थे ।

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