महाराष्ट्र: केंद्र सरकार ने बताया क्यों नहीं है अभी घर-घर टीकाकरण प्रक्रिया मुमकिन, राज्य सरकार ने की थी मांग

महाराष्ट्र:

देश में प्रतिदिन कोरोना के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं. सबसे अधिक प्रभावित होने वाले राज्यों में महाराष्ट्र सबसे आगे बनता दिख रहा है. लगातार तेजी से बढ़ते आंकड़े महाराष्ट्र सरकार के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं. ऐसे में महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र सरकार से मांग की थी कि उन्हें डोर-टू-डोर टीकाकरण प्रक्रिया की अनुमति दी जाए.

ऐसे में क्रेंद्र सरकार ने संकेतत दे दिया है कि ये इस वक्त मुमकिन है. वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि अभी महाराष्ट्र सरकार से इस पर कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया गया है. स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने डोर-टू-डोर वैक्सीन के लॉजिस्टिक चुनौतियों पर बात करते हुए कहा कि, ये वैक्सीन केवल वयस्कों के लिए है. जो सभी के चलने वाले टीकाकरण कार्यक्रम से अलग है. साथ ही उन्होंने कहा कि टीका लगने के बाद 30 मिनट तक शख्स को निगरानी में रखा जाता है क्योंकि शारीरिक घटनाएं हो सकती हैं.

महाराष्ट्र सरकार से औपचारिक अनुरोध भी नहीं मिला है- राजेश भूषण

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि अभी हमें महाराष्ट्र सरकार से औपचारिक अनुरोध भी नहीं मिला है. आपको बता दें, इससे पहले बृहन्मुंबई कारपोरेशन के प्रमुख इकबाल चहल ने मीडियाकर्मियों से खास बातचीत की थी जिसमें उन्होंने कहा था कि, हमने महाराष्ट्र सरकार से अनुरोध किया है कि वो केंद्र से डोर-टू-डोर टीकाकरण का अनुमति मांगे. उन्होंने कहा कि, महाराष्ट्र में जब केंद्रीय टीम ने दौरा किया था तो उनसे इस बारें में अनुमति मांगी गई थी. आपको बता दें, पिछले हफ्ते केंद्र और राज्य सरकारों की वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक हुई थी जिसमें इस मुद्दे को उठाया गया था.

बीते दिन राज्य में 139 लोगों की कोरोना से मौत

वहीं, अगर बात मामलों के आंकड़ों की करें तो बीते दिन राज्य में वायरस संक्रमण के 27,918 नये मामले सामने आए. वहीं, इस महामारी की चपेट में आकर 139 लोगों ने जान गवांई. जिसके बाद राज्य में महामारी से मरने वालों की कुल संख्या बढ़ कर 54,422 पहुंच गई. विभाग ने बताया कि मंगलवार को मुंबई में 4,760 नये मामले सामने आए, जबकि और 10 मरीजों की मौत हो गई.

 

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