Heart Health के लिए फायदेमंद है चाय, इस बारे में क्या कहती है नई रिसर्च, यहां पढ़ें

नई दिल्ली: अगर 1 कप चाय की चुस्की आपका भी दिन बना देती है तो आपके लिए एक खुशखबरी है. वैज्ञानिकों ने इस बारे में नई जानकारी प्राप्त की है कि कैसे चाय (Tea), ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करती है. यह नई जानकारी संभवतः ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) को कंट्रोल करने की नई तरह की दवाइयां बनाने के तरीकों की ओर इशारा करती है. लेकिन किस तरह की चाय पीना है यह जानना जरूरी है. आपकी रेग्युलर दूध वाली चाय नहीं बल्कि ग्रीन टी और ब्लैक टी में ये फायदे देखे गए हैं.

ब्लैक टी और ग्रीन टी से बीपी रहता है कंट्रोल में

अमेरिकी बेवसाइट webmd.com पर प्रकाशित स्टोरी में शोधकर्ताओं ने पाया कि ब्लैक टी (Black Tea) और ग्रीन टी (Green Tea) दोनों में कुछ ऐसे कंपाउंड पाए जाते हैं जो ब्लड वेसल्स यानी रक्तवाहिकाओं को शांत करते हैं. ऐसा करने के लिए ये कंपाउंड ब्लड वेसल्स (Blood Vessels) की दीवारों पर मौजूद आयन (ion) चैनल प्रोटीन को सक्रिय कर देते हैं. ग्रीन टी और ब्लैक टी में 2 तरह का कैटेचिन-टाइप फ्लैवनॉयड्स पाया जाता है और ये दोनों ही एक खास तरह के आयन (ion) चैनल प्रोटीन को सक्रिय करते हैं जिसे KCNQ5 कहा जाता है. ये प्रोटीन, मुलायम मांसपेशियों में मौजूद रक्तवाहिकाओं के अंदर होते हैं.

दुनियाभर में रोजाना 20 लाख कप चाय पी जाती है

इससे पहले हुई रिसर्च में सुझाव दिया गया था कि चाय में पाया जाने वाला कैटेचिन KCNQ5 को सक्रिय करता है और न्यू यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की यह स्टडी इस बात की पुष्टि करती है. इस स्टडी को सेल्युलर फिजियोलॉजी एंड बायोकेमिस्ट्री नाम के जर्नल में प्रकाशित किया गया है. दुनियाभर के लोग रोजाना करीब 20 लाख कप चाय का सेवन करते हैं और पानी के बाद चाय, एक मात्र ऐसा पेय पदार्थ है जिसका इतनी अधिक मात्रा में सेवन किया जाता है. हालांकि कई बार लोग ब्लैक टी में दूध मिलाकर पीते हैं. लेकिन ऐसा करने से चाय में पाया जाने वाला KCNQ5 को सक्रिय करने वाले तत्व के फायदे कम हो जाते हैं.

चाय के लाभकारी प्रभाव को कम कर सकता है कैटेचिन

इस स्टडी के को-ऑथर जेफरी ऐबट कहते हैं, ‘हम इस बात में यकीन नहीं करते कि चाय के लाभकारी गुणों का फायदा उठाने के लिए चाय पीने के दौरान दूध से बचने की जरूरत है. हमें विश्वास है कि इंसान के पेट के अंदर का वातावरण प्रोटीन (Protein) से कैटेचिन (Catechin) और दूध में मौजूद अन्य मॉलिक्यूल्स को अलग कर सकता है जो अन्य परिस्थितियों में में कैटेचिन के लाभकारी प्रभाव को बाधित कर सकता है.’  इससे पहले हुई स्टडी में यह बात साबित हो चुकी है कि अगर चाय में दूध मिला दिया जाए तब भी चाय के ब्लड प्रेशर को कम करने वाले फायदे बने रहते हैं.

हाई बीपी, हृदय रोग का अहम जोखिम कारक

साथ ही इस नई स्टडी में एक और नई बात सामने आयी है. वो ये है कि अगर आप ग्रीन टी को 35 डिग्री सेल्सियस तक गर्म करते हैं तो यह एक तरह से अपनी रासायनिक संरचना को बदल देता है जिसकी वजह से यह KCNQ5 को सक्रिय करने में अधिक प्रभावी हो जाता है. इसलिए चाय पीने से हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. हाई बीपी, हृदय रोग का सबसे बड़ा जोखिम कारक है. अगर आप हाई बीपी को कंट्रोल कर लें तो काफी हद तक हृदय रोग से बचा जा सकता है.

 

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